अब वही हर्फ़्-ए-जुनुं सब की ज़ुबां ठहरी है
जो भी चल निकली है वो बात कहां ठहरी है
[हर्फ़्=syllable/letter; जुनुं=madness]
आज तक शेख के इकराम में जो शै थी हराम
अब वही दुश्मन-ए-दीन राहत्-ए-जान ठहरी है
[शेख़ = preacher; इकराम = code/prestige] [दुश्मन-ए-दीन = foe of faith/religion; राहत्-ए-जान = joy of life]
है खबर गर्म के फिरता है गुरेज़ां नासेह
गुफ्तगू आज सर्-ए-कुउ-ए-बुतां ठहरी है
[गुरेज़ां = perverse mood; गुफ्तगू = conversation] [सर्-ए-कुउ-ए-बुतां = in the lane of love (one's beloved)]
है वही आरिज़्-ए-लैला वही शिइरी का दहन
निगाह्-ए-शौक घडी भर को यहाँ ठहरी है
[आरिज़् = cheek; दहन = mouth/lips]
वस्ल की शब थी तो किस दर्जा सुबक गुज़री है
हिज्र की शब है तो क्या सख्त गरां गुज़री है
[वस्ल = union; दर्जा = grade; सुबक = delicate] [हिज्र = separation; शब = night; गरां =heavy]
बिखरी एक बार तो हाथ आई कब मौज्-ए-शमीम
दिल से निकली है तो कब लब पे फ़ुगां ठहरी है
[शमीम = fragrant breeze; फ़ुगां = cry of pain]
दस्त-ए-सय्याद भी अजिज़ है कफ़्-ए-गुलचीं भी
बू-ए-गुल ठहरी ना बुल-बुल की ज़बां ठहरी है
[दस्त = hand;सय्याद = hunter; अजिज़ = helpless] [कफ़्=palm; गुलचीं=florist; बू-ए-गुल = flower's fragrance]
आते आते यूं ही दम भर को रुकी होगी बहार
जाते जाते यूं ही पल भर को खिज़ां ठहरी है
[खिज़ां = autumn]
हम ने जो तर्ज़्-ए-फ़ुगां की है कफ़स में इजाद
"फ़ैज़" गुलशन में वो तर्ज़्-ए-बयां ठहरी है
[तर्ज़् = style; कफ़स = cage/prison;इजाद = invented/developed] [तर्ज़्-ए-बयां = style/mode of speech]
Source ://www.urdupoetry.com/faiz52.html
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